मोहब्बत की वो चुप कहानियाँ – कुछ अधूरी, कुछ अनसुनी

 

🕯️ 1. चुप्पी का दर्द


वो कुछ ना कहकर भी बहुत कुछ कह गया,  
मैं सब समझता रहा... और चुप रहता गया।  
हम दोनों चुप थे, मगर दिल की चीखें ज़िंदा थीं,  
शायद मोहब्बत अब लफ़्ज़ों की मोहताज नहीं रही।


💌 2. वक़्त की दीवार पर मोहब्बत की तस्वीर

तू आज भी वक़्त के किसी कोने में है,  
जहाँ मैं रोज़ खुद को भूल आता हूँ।  
तेरे जाने के बाद जो रह गया,  
वो मैं नहीं... बस तेरा इंतज़ार है।

🌑 3. रात और यादें

रात की चुप्पी में जब तेरी आवाज़ आती है,  
दिल नहीं... रूह तक काँप जाती है।  
तेरी यादें अब लोरी नहीं सुनाती,  
बस एक-एक कर पुराने ज़ख्म दिखाती हैं।


🔥 4. अधूरी सी मोहब्बत का वजूद

हमने मोहब्बत पूरी की,  
मगर मुकम्मल ना हो सके।  
तू किसी और का हुआ,  
और मैं अब भी तेरा ही हूँ।

🌺 5. अंतिम सांस तक

मेरी धड़कनों में आज भी तेरा नाम चलता है,  
कभी धीरे, कभी तेज़... मगर रुकता नहीं।  
कहना चाहता हूँ तुझसे आख़िरी बार,  
तेरे बिना जिया हूँ, मगर जिंदा नहीं रहा।



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